1. शिक्षा
- पुस्तकालय : पुस्तकालय के माध्यम से शिक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना.
- शिक्षा केंद्र : जहां पे गावं के बच्चों को कोचिंग कराया जायेगा और इसके माध्यम से साक्षरता दर को बढ़ाना.
- उच्च शिक्षा और तकनिकी शिक्षा उपलब्ध करना.
- छात्रवृति कोष : प्रतिभाशाली छात्रों को औसर देना
- स्वास्थ शिक्षा : बिमारियों और उनकें कारणों तथा उनके इलाज की सही जानकारी देना.
- स्वास्थ केंद्र : सभी ५० -१०० की संख्या वाले मुहलो में एक सुनियोजित स्वास्थ केंद्र की स्थापना.
- स्वास्थ अभियान : स्वास्थ मेला, स्वास्थ शिविर का आयोजन करना.
- सफाई अभियान : घरो और मुहलों की सफाई के लिए अभियान चलाना.
- सूक्ष्म ऋण दें परियोजना (मिक्रो लेंडिंग प्रोजेक्ट्स) : गरीबी को कम करना और गावं में किसानों के कौशल को विकसित करना
- विश्वसनीय बिज और मार्केट कार्यक्रम : एक विश्वसनीय प्रणाली का विकास करना जो किसानों को बिज वितरित करे ताकि किसान उचित समय पर खेती कर सके और एक सफल बाजार संगठित करना जहां माल की अच्छे से खरीद और बिक्री हो सके
- आद्योगिक विकास : लघु उद्योग, हथकरघा जैसे : पशुपालन, मत्स्यपालन, मधुमखिपालन, बागवानी इत्यादी करना.
- महिला केंद्र : जहां महिलाओं को कौशल, ज्ञान और आत्मविश्वास को विकसित करना
- महिलाओं को उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार देकर सशक्त बनाना.
- स्पोर्ट्स एकेडमी : खेलो को बढ़ावा देना जिसमे मुख्यतः अठेलैतिक्स, स्विमिंग, रेसलिंग इत्यादी .
- नदी - नालों को स्वक्छ तथा व्यवस्थित रखना.
- अधिक से अधिक पेड़ लगाना.
- कूड़े-कचरे के लिए कूड़ा घर बनाना.
- सार्वजनिक शौचालय और स्नान घर का निर्माण करना.
No comments:
Post a Comment